टैरिफ की जगह अब इंपोर्ट टैक्स लगाएंगे ट्रंप, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चला नया दांव, भारत पर क्या असर

Updated on 29-04-2026 12:55 PM
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पसंदीदा टैरिफ (आयात शुल्क) को सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक घोषित किए जाने के बाद अब एक नया रास्ता निकाला है। ट्रंप प्रशासन अब उन स्टॉपगैप (अस्थायी) टैक्स को स्थायी टैरिफ में बदलने की कोशिश कर रहा है, जिनकी समय सीमा अगले तीन महीनों में खत्म होने वाली है।

अमेरिकी खजाने में रेवेन्यू का प्रवाह बनाए रखने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के चारों ओर एक संरक्षणवादी दीवार (Protectionist Wall) खड़ी करने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर काम कर रहा है। ट्रंप प्रशासन को उन अस्थायी 10% टैरिफ को बदलने के लिए 24 जुलाई तक का समय है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद लगाए गए थे।

क्या है ट्रंप का नया प्लान?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) का कार्यालय इस सप्ताह दो प्रमुख जांच शुरू करने जा रहा है, जिनका अंत नए अमेरिकी टैरिफ के रूप में होने की उम्मीद है:
1. जबरन श्रम (Forced Labor) की जांच
इसमें नाइजीरिया से लेकर नॉर्वे तक की 60 अर्थव्यवस्थाओं की जांच की जा रही है, जो अमेरिका के कुल आयात का 99% हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य यह देखना है कि क्या ये देश जबरन श्रम से बने प्रोडक्ट के व्यापार को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रहे हैं। USTR जैमीसन ग्रीर के अनुसार, अमेरिकी कंपनियां उन विदेशी उत्पादकों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकतीं जो जबरन श्रम के जरिए लागत कम करते हैं।
2. अत्यधिक उत्पादन (Overproduction) की जांच
अगले हफ्ते चीन, यूरोपीय संघ और जापान सहित 16 व्यापारिक भागीदारों की जांच होगी। आरोप है कि ये देश वस्तुओं का जरूरत से ज्यादा उत्पादन कर रहे हैं, जिससे कीमतें गिर रही हैं और अमेरिकी निर्माताओं को नुकसान हो रहा है। ये देश अमेरिका के 70% आयात के लिए जिम्मेदार हैं।

क्यों रद्द हुए थे पुराने टैरिफ?

दो महीने पहले फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पुराने टैरिफ को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया है। ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करके भारत समेत लगभग हर देश पर भारी टैक्स थोप दिया था। अदालत ने फैसला सुनाया कि IEEPA का उपयोग टैरिफ लगाने के लिए नहीं किया जा सकता। अब सरकार को आयातकों को वह पैसा रिफंड करना पड़ रहा है।

सेक्शन 301 का सहारा लेंगे ट्रंप

  • सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद ट्रंप अब 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 (Section 301) का सहारा ले रहे हैं।
  • इस कानून के तहत टैरिफ की दर पर कोई सीमा नहीं है।
  • ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चीन के खिलाफ इसी कानून का इस्तेमाल किया था, जिसे अदालती चुनौती मिलने के बावजूद बरकरार रखा गया था।
  • ये टैरिफ 4 साल तक प्रभावी रहते हैं और इन्हें आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

क्या पड़ेगा नए टैक्स का असर?

आलोचक अमेरिका की इन जांचों को एक दिखावा बता रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने पहले ही तय कर लिया है कि वे टैरिफ लगाएंगे, जांच तो बस एक औपचारिकता है।
  • इन टैक्सों का सीधा बोझ अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, क्योंकि आयातक ऊंची कीमतों के रूप में इसका बोझ आम जनता पर डालेंगे।
  • नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले, महंगी वस्तुओं से परेशान जनता के बीच इस नए टैक्स का भारी विरोध हो सकता है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

अगर ट्रंप नया टैक्स इंपोर्ट टैक्स लाते हैं तो इसका असर भारत पर भी दिखाई दे सकता है। ट्रंप ने जब टैरिफ लगाया था तो सबसे ज्यादा दर वाले देशों में भारत भी था। ट्रंप ने भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया था। इस मामले में ट्रंप ने भारत को लेकर कड़ा रुख दिखाया था। ऐसे में उम्मीद कम है कि ट्रंप इंपोर्ट टैक्स मामले में भारत के प्रति नरम रुख दिखाएंगे। हालांकि भारत अब नए बाजार तलाश रहा है, जिससे निर्यातकों पर अमेरिकी टैक्स का असर कम दिखाई दे सकता है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 07 May 2026
नई दिल्ली: ईरान को तबाह करने चला अमेरिका इस आग में खुद झुलस गया है। ईरान युद्ध की आग अमेरिका तक पहुंच गई है। दरअसल, ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (…
 07 May 2026
नई दिल्ली: दुबई की रियल एस्टेट कंपनी एमार प्रॉपर्टीज ( Emaar Properties ) के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर मोहम्मद अलाब्बर ( Mohamed Alabbar ) ने भारतीय कर्मचारियों की कार्यशैली की जमकर…
 07 May 2026
नई दिल्ली: टाटा ट्रस्ट्स का विवाद हाई कोर्ट पहुंच गया है। बंबई हाई कोर्ट में बुधवार को दायर एक याचिका में टाटा ट्रस्ट्स की शुक्रवार को होने वाली अहम बैठक को…
 07 May 2026
नई दिल्ली: एआई के बढ़ते चलन ने दुनिया की इकॉनमी को पूरी तरह बदल दिया है। इस साल साउथ कोरिया और ताइवान जैसे एमर्जिंग मार्केट्स के मार्केट कैप में भारी तेजी…
 07 May 2026
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव आपके लाइफस्टाइल को महंगा कर रहा है। पहले तो इससे दैनिक उपयोग की चीजों के दाम बढ़े। कल ही खबर आई थी…
 07 May 2026
नई दिल्ली: कभी सरकारी कंपनी रही हिंदुस्तान जिंक ने पिछले 24 साल में अपने निवेशकों को मालामाल किया है। यह चांदी का उत्पादन करने वाली दुनिया की अग्रणी कंपनियों में शामिल…
 01 May 2026
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी आई है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 125 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया था जो इसका 4…
 01 May 2026
नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमत में हाल में काफी तेजी आई है। इससे एटीएफ यानी विमान ईंधन की कीमत भी बहुत बढ़ गई है। इससे एयरलाइन कंपनियों की मुश्किल बढ़…
 01 May 2026
मई का महीने अपने साथ कई बदलाव लेकर आया है। महीने के पहले दिन कई नियमों में बदलाव हो रहा है जिनका संबंध सीधे आपकी जेब से हैं। 19 किलो…
Advt.